#MeToo अभियान की आवाज को संबल देता है It’s Never to Late

सोशल मीडिया से शुरू हुआ #MeToo अभियान भारत में भी जोर पकड़ रहा है। लोग धीरे-धीरे अपनी बात, आप बीती अलग-अलग तरीके से बता रहे हैं। ये मी-टू का अभियान अपने साथ हुए ‘ज्यादती’ को लेकर चुप्पी तोड़ने का साहस दे रहा है। #MeToo अभियान जब भारत में शुरू नहीं हुआ था, लोग चुप्पी तोड़ भी सकते हैं, ऐसा सोचना भी दुश्कर था। उस समय में मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली प्रियंका बरनवाल ने एक बेहतरीन रचना के माध्यम से दुनिया से कहा It’s Never to Late. लेखिका प्रिंयका ने डेब्यू उपन्यास का यही शीर्षक दिया। यह लेखिका का भावनात्मक रूप से एक विराट अंदाज है, जो दुनिया को चुप्पी तोड़ने के लिए संबल प्रदान करता है कि चुप्पी तोड़ने के लिए देरी नहीं हुई ….।  Continue reading “#MeToo अभियान की आवाज को संबल देता है It’s Never to Late”

चंदा बाबू की थकी आंखों को सुप्रीम कोर्ट ने दिया थोड़ा सुकून

बिहार का चर्चित तेजाब हत्याकांड। और शहाबुद्दीन को सदा के लिए सलाखों के पीछे पहुंचाने की जिद लिए तीन बच्चों का श्राद्ध कराने वाले एक वृद्ध पिता की लड़ाई का दंश …सुनिए खुद चंदा बाबू की जुबानी। पाठकों से एक अनुरोध कि इस असहनीय पीड़ा का अहसास करिए और सोचिए…। स्वजनों के साथ, परिजनों के साथ, रिश्तेदार के साथ एकजुट रहिए। एक-दूसरे की मदद करने के लिए तत्पर रहिए, सहयोग करने का भाव अपने अंदर जगाइए …।

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सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की पहली शर्त है 40 दिनों तक सतत पवित्र रहने की साधना

हिन्दू धर्म की आस्था पर चोट करने वाले गैंग को यह सतत साधना को नारी विरोधी दिया करार
हिन्दू धर्म को कमजोर करने वाले गैंग से प्रभावित है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
40 दिनों तक सतत पवित्र रहने की साधना में असफल रहने वालों के लिए मंदिर में प्रवेश वर्जित

  • दीपक राजा

केरल स्थित सबरीमाला मंदिर के कपाट पांच दिनों के लिए खुल गया है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क पर इन दिनों यहां महिलाओं के प्रवेश को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिन्हें मंदिर में, मंदिर के देवता में और मंदिर की व्यवस्था में आस्था नहीं है, वे भी मंदिर में प्रवेश करने के लिए व्याकुल हैं। मंदिर में प्रवेश करने की यह व्याकुलता सिर्फ और सिर्फ हिन्दुओं की आस्था और परंपरा पर चोट करना है। हिन्दुओं की आस्था और परंपरा पर चोट करना, इसे कमजोर करना और नष्ट करने वालों की एक चाल है सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बहाने सबरीमाला मंदिर की पवित्रता को आघात करना।  Continue reading “सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की पहली शर्त है 40 दिनों तक सतत पवित्र रहने की साधना”

प्राचीन भारत को अंगुलियों पर याद रखने के लिए पढ़ना चाहिए ये पुस्तक

  • समीक्षा – दीपक राजा

प्राचीन भारत का इतिहास पुस्तक में कुल सात अध्याय दिए गए हैं जिसमें सिंधु घाटी की सभ्यता से लेकर गुप्त काल के कालखंड के बाद तक की जानकारी दी गई है। प्रत्येक अध्याय में तथ्यों को बिन्दुवार दिया गया है ताकि इसे याद रखने में आसानी होगी। इसके साथ ही प्रत्येक अध्याय के अंत में अध्याय से संबंधित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्नों को  Continue reading “प्राचीन भारत को अंगुलियों पर याद रखने के लिए पढ़ना चाहिए ये पुस्तक”

#MeeToo के दौर में भोगे हुए यथार्थ की सच्चाई है ‘ताल ठोक के’

समीक्षक – दीपक राजा

स्त्री विमर्श के नाम पर बहुत-सी पुस्तकें, लेख, कहानी और कविताओं को मैंने समझने का प्रयास किया लेकिन ‘ताल ठोक के’ पुस्तक अपने शीर्षक के अनुसार ही डंके की चोट पर औरत की वास्तविक स्थिति से रू-ब-रू कराती है। पुस्तक की कविताएं एक ऐसे अहसास से परिचय कराती है जिससे हम रोजाना अपनी जिंदगी में दो-चार होते हैं। Continue reading “#MeeToo के दौर में भोगे हुए यथार्थ की सच्चाई है ‘ताल ठोक के’”

स्मार्ट फोन वालों के लिए भी उपयोगी है पुस्तक

समीक्षक – दीपक राजा

इलाहाबाद में लोकप्रिय प्रकाशन है ज्ञान सदन पब्लिकेशन। इस पब्लिकेशन ने ‘औपचारिक पत्र लेखन के विविध रूप’ के नाम से एक पुस्तक प्रकाशित की है। इस पुस्तक के लेखक श्री मुकेश बरनवाल हैं। बाबा बैद्यनाथ की नगरी में पले-बढ़े श्री बरनवाल ख्यातिलब्ध शिक्षाविद् हैं और प्रशासनिक सेवा में जाने की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए बेहतरीन प्रदर्शक हैं।  Continue reading “स्मार्ट फोन वालों के लिए भी उपयोगी है पुस्तक”

वनवासी कल्याण कमेटी, झाझा के अध्यक्ष बने कलिका बर्णवाल

तीन दिवसीय वनवासी कल्याण कार्यक्रम संपन्न

बिहार के जनपद जमुई में वर्णवाल सेवा सदन, झाझा में चल रहे तीन दिवसीय वनवासी कल्याण कार्यक्रम संपन्न हो गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन वनवासी कल्याण कमेटी का गठन किया गया। इसमें अध्यक्ष के रूप में बरनवाल समाज के समाजसेवी श्री कलिक बर्णवाल को अध्यक्ष के रूप में मनोनित किया गया।  Continue reading “वनवासी कल्याण कमेटी, झाझा के अध्यक्ष बने कलिका बर्णवाल”