बिकी हुई एक कलम


दामिनी

बिकी हुई कलम के दाम बहुत होते हैं
पर बिकी हुई कलम के काम भी बहुत होते हैं
बिकी हुई कलम को कीचड़ को कमल कहना पड़ता है
बिकी हुई कलम को क़ातिल को सनम कहना पड़ता है
बिकी हुई कलम को मौक़े पर ख़ामोश रहना होता है
और बेमौक़े ‘सरकार की जय’ कहना होता है
बिकी हुई कलम एक खूंटे से बंधी होती है
बिकी हुई कलम की सियाही जमी होती है
बिकी हुई कलम रोती नहीं, सिर्फ़ गाती है
बिकी हुई कलम से सच की आवाज़ नहीं आती है
बिकी हुई कलम शाहों के तख़्त नहीं हिला पाती है
बिकी हुई कलम सिर्फ़ चरण-पादुका बन जाती है
बिकी हुई कलम से आंधियां नहीं उठती हैं
बिकी हुई कलम से सिर्फ़ लार टपकती है
बिकी हुई कलम एक वेश्या होती है
जो अनचाहे जिस्मों को हंसके अपने जिस्म पे सहती है
बिकी हुई कलम की कोख बंजर होती है
बिकी हुई कलम अपनों ही की पीठ में घुसाया हुआ ख़ंजर होती है
बिकी हुई कलम से लिखा इतिहास सिर्फ़ कालिख पुता कागज़-भर होता है
बिकी हुई कलम का कांधा सिर्फ़ अपने शब्दों का जनाज़ा ढोता है
बिकी हुई कलम और जो चाहे बन जाती है
पर बिकी हुई कलम, कलम का हद अदा नहीं कर पाती है,
बिकी हुई कलम सिर्फ़ कलम नहीं रह पाती है…

दिल्ली होली मिलन में बच्चों का जलवा

बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली और युवा भारती ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में होली मंगल मिलन कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली में हुआ। राष्ट्रीय बाल भवन के समीप चंद्रशेखर भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। महाराजा अहिबरण जी की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। दीप प्रज्वलन के बाद सुश्री जिया बरनवाल ने सरस्वती वंदना पर अपनी प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया। चाहे तो नीचे दिए वीडियो को आप भी क्लिक करके देख सकते हैं। सरस्वती वंदना के बाद एक के बाद एक सभी समाज के प्रबुद्ध लोगों का परिचय हुआ। नोएडा से जहां लोकप्रिय ज्योतिष और एस्ट्रोलजर शिव प्रसाद आनंद और सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र बरनवाल आए तो पानीपत से होली मिलन में भाग लेने के लिए लोकेश बरनवाल जी सपरिवार यहां आए। समाज के कई गण्यमान्य लोगों ने अपने-अपने अनुभव सुनाए। पहली बार बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली के कार्यक्रम में कविता पाठ का भी आनंद लिया गया।

‘मोदी मंत्र’, ‘मोदी सूत्र’ के बाद बाजार में आई ‘मोदी नीति’

भारतेंदु हरिश्चन्द्र पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. हरीश चन्द्र बर्णवाल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर एक नई पुस्तक ‘मोदी नीति’ प्रकाशित हुई है। प्रधानमंत्री मोदी पर यह उनकी तीसरी पुस्तक है, जिसे प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले आई यह पुस्तक बताती है कि मोदी सरकार के पांच वर्षों की कार्यशैली से इस देश की सभ्यता, संस्कृति और समाज पर कितना गहरा और व्यापक असर पड़ा है, इसके दूरगामी प्रभाव क्या होंगे।

‘मोदी नीति’ में सहज तरीके से आंकड़ों के माध्मय से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल की समालोचना करता है। सिर्फ नेतृत्व करने वाले व्यक्ति के बदलने मात्र से देश की दिशा और दशा इतनी तेजी से कैसे बदला, उस पर एक विश्लेषण भी पुस्तक के माध्यम से देखने को मिलेगा। पुस्तक के नौ चैप्टर में लोक संस्कृति से लेकर पौराणिक ग्रंथों तक, योग से लेकर स्वास्थ्य क्रांति तक, पत्रकारिता से लेकर पर्यावरण तक और भाषाई एकजुटता से लेकर न्यू इंडिया के संकल्प तक जैसे विषयों को विश्लेषित करने का प्रयास किया गया।

  • दीपक राजा

सच्ची सुंदरता

सुंदरता मुख्य रूप से दो प्रकार की कही जा सकती है – आंतरिक सुंदरता और बाह्य सुंदरता अर्थात् मन की सुंदरता और तन की सुंदरता। जब हम कहते हैं कि अमुक व्यक्ति का मन अतिसुंदर है, तो इसका अभिप्राय है कि परोपकार, करुणा, दया आदि मानवीय गुणों से वह व्यक्ति परिपूर्ण है। किन्तु जब हम किसी व्यक्ति के विषय में यह कहते हैं कि देखो, वह व्यक्ति कितना सुंदर दिखाई दे रहा हैं, तो इसका मतलब है कि शारीरिक सौष्ठव, रंग-रूप की दृष्टि से वह व्यक्ति आकषर्ण का केंद्र है।  Continue reading “सच्ची सुंदरता”

यहां करें एकमुश्त निवेश और पाएं 22 फीसदी सालाना रिटर्न

भारतीय जीवन बीमा (LIC) सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न का बेहतरीन विकल्प लेकर आया है। एलआईसी ने जीवन शांति के नाम से एक नई पॉलिसी लॉन्च की है। नाम के अनुसार ही ये पॉलिसी जीवन में शांति देने वाला है और आम आदमी के भविष्य को सुरक्षा प्रदान करता है। निवेश करने के इच्छुक व्यक्ति को पॉलिसी के तहत सिर्फ एक बार निवेश करना है और जीवनभर के लिए पेंशन तुरंत मिलना शुरू हो जाएगा। अगर आप तुरंत पेंशन नहीं चाहते हैं तो 1 साल से लेकर 20 साल बाद भी पेंशन की शुरुआत करा सकते हैं। निवेश के वक्त ही तय करनी है कि पेंशन कितने सालों के बाद शुरू करानी है। जितनी देर बाद पेंशन शुरू होगी, पेंशन उतना ज्यादा मिलेगा। जीवन शांति पॉलिसी के तहत सालाना रिटर्न 21.6 प्रतिशत तक प्राप्त किया जा सकता है। पॉलिसी की अधिक जानकारी के लिए पढ़े पूरी डिटेल्स …  Continue reading “यहां करें एकमुश्त निवेश और पाएं 22 फीसदी सालाना रिटर्न”

बरन पुंज के जुलाई 2018-जून 2019 का संयुक्तांक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

बरन पुंज पत्रिका का नया अंक (जुलाई 2018-जून2019) संयुक्तांक है। इसे पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें। यहां पीडीएफ फाइल है। उसे डाउनलोड करें और पढ़े। पत्रिका अच्छी लगे और इसका प्रिंट कॉपी नियमित रूप से अपने पास मंगवाना चाहते हैं तो पत्रिका का आजीवन सदस्य बनें। सदस्य बनने के लिए पत्रिका के संपादक या फिर प्रतिनिधि मंडल से संपर्क करें। विवरण पत्रिका के पीडीएफ फाइल में दिया हुआ है।

दिल्ली के बरनवाल समाज ने की सामूहिक आरती

अहिबरण जयंती के मौके पर मंचासीन विख्यात पत्रकार जयशंकर गुप्त, पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती, बरनवाल वैश्य सभा के अध्यक्ष एनके बरनवाल व अन्य। फोटो : आरती बरनवाल

दिल्ली में 25 दिसंबर 2018 को आईटीओ के पास राजाराम मोहन राय मेमोरियल हॉल में महाराजा अहिबरण जी की जयंती मनाई गई। बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली के बैनर तले दिल्ली एनसीआर के बरनवाल बंधुओं ने महाराजा अहिबरण जी की सामूहिक आरती की है। सामूहिक आरती गान का वीडियो देखकर अंचभित रह जाएंगे आप …