कैंसर पीड़ित उमेश मोदी को बचा नहीं पाए, उनके बच्चों को शिक्षित करने के लिए मदद की अपील

चकाई, जमुई के रहने वाले श्री उमेश मोदी को कैंसर था। तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनका परिवार सदमें हैं। उमेश जी के नहीं रहने पर उनके बच्चों की जिम्मेदारी समाज पर है। उनके मदद के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। गौरतलब है कि श्री उमेश मोदी जी बरनवाल समिति चकाई की ओर से मिले 20 हजार रुपए की सामूहिक मदद से इलाज कराने पटना आए थे। इसकी जानकारी दीपारती वेलफेयर फाउंडेशन को 7 सितंबर, 2018 को हुई। कई जगहों पर फोन और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर खोजबीन के बाद श्री उमेश मोदी के भतीजे संदीप का नंबर उपलब्ध हो पाया। उसके बाद हमारे मित्रमंडली में शामिल और पटना में समाज की बेहतरी के लिए कार्यशील बरनवाल सृजन फाउंडेशन टीम में शामिल दीपक बरनवाल, लीलाधर उर्फ गुड्डू बरनवाल जी तक दीपारती फाउंडेशन ने बात पहुंचाई और यथासंभव आर्थिक रूप से मदद करने का भरोसा दिया था।  Continue reading “कैंसर पीड़ित उमेश मोदी को बचा नहीं पाए, उनके बच्चों को शिक्षित करने के लिए मदद की अपील”

राजाराम मोहन राय मेमोरियल हॉल में मनाया जाएगा अहिबरण जयंती 2018

बरनवाल वैश्य समाज के आदिपुरुष महाराजा अहिबरण जी की जयंती दिल्ली में 25 दिसंबर, 2018 को ही मनाया जाएगा। कार्यक्रम नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के समीप राजाराम मोहन राय मेमोरियल हाल में आयोजित होगा। इसकी घोषणा बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली के महासचिव अधिवक्ता उमेश कुमार बर्णवाल ने की है।  Continue reading “राजाराम मोहन राय मेमोरियल हॉल में मनाया जाएगा अहिबरण जयंती 2018”

बरन पुंज पत्रिका में भागीदारी करने का मौका, आवेदन करें

अगर आप लेखन, संपादन में रूचि रखते हैं तो आपके लिए एक अच्छी सूचना है। दिल्ली से प्रकाशित होने वाली बरन पुंज पत्रिका में सक्रिय भागीदारी निभाने का मौका आपके हाथ आया है। बरन पुंज पत्रिका के लिए संपादक मंडल और प्रतिनिधि मंडल को पुनर्गठित किया जा रहा है।  Continue reading “बरन पुंज पत्रिका में भागीदारी करने का मौका, आवेदन करें”

#MeToo अभियान की आवाज को संबल देता है It’s Never to Late

सोशल मीडिया से शुरू हुआ #MeToo अभियान भारत में भी जोर पकड़ रहा है। लोग धीरे-धीरे अपनी बात, आप बीती अलग-अलग तरीके से बता रहे हैं। ये मी-टू का अभियान अपने साथ हुए ‘ज्यादती’ को लेकर चुप्पी तोड़ने का साहस दे रहा है। #MeToo अभियान जब भारत में शुरू नहीं हुआ था, लोग चुप्पी तोड़ भी सकते हैं, ऐसा सोचना भी दुश्कर था। उस समय में मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली प्रियंका बरनवाल ने एक बेहतरीन रचना के माध्यम से दुनिया से कहा It’s Never to Late. लेखिका प्रिंयका ने डेब्यू उपन्यास का यही शीर्षक दिया। यह लेखिका का भावनात्मक रूप से एक विराट अंदाज है, जो दुनिया को चुप्पी तोड़ने के लिए संबल प्रदान करता है कि चुप्पी तोड़ने के लिए देरी नहीं हुई ….।  Continue reading “#MeToo अभियान की आवाज को संबल देता है It’s Never to Late”

चंदा बाबू की थकी आंखों को सुप्रीम कोर्ट ने दिया थोड़ा सुकून

बिहार का चर्चित तेजाब हत्याकांड। और शहाबुद्दीन को सदा के लिए सलाखों के पीछे पहुंचाने की जिद लिए तीन बच्चों का श्राद्ध कराने वाले एक वृद्ध पिता की लड़ाई का दंश …सुनिए खुद चंदा बाबू की जुबानी। पाठकों से एक अनुरोध कि इस असहनीय पीड़ा का अहसास करिए और सोचिए…। स्वजनों के साथ, परिजनों के साथ, रिश्तेदार के साथ एकजुट रहिए। एक-दूसरे की मदद करने के लिए तत्पर रहिए, सहयोग करने का भाव अपने अंदर जगाइए …।

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स्मार्ट फोन वालों के लिए भी उपयोगी है पुस्तक

समीक्षक – दीपक राजा

इलाहाबाद में लोकप्रिय प्रकाशन है ज्ञान सदन पब्लिकेशन। इस पब्लिकेशन ने ‘औपचारिक पत्र लेखन के विविध रूप’ के नाम से एक पुस्तक प्रकाशित की है। इस पुस्तक के लेखक श्री मुकेश बरनवाल हैं। बाबा बैद्यनाथ की नगरी में पले-बढ़े श्री बरनवाल ख्यातिलब्ध शिक्षाविद् हैं और प्रशासनिक सेवा में जाने की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए बेहतरीन प्रदर्शक हैं।  Continue reading “स्मार्ट फोन वालों के लिए भी उपयोगी है पुस्तक”

वनवासी कल्याण कमेटी, झाझा के अध्यक्ष बने कलिका बर्णवाल

तीन दिवसीय वनवासी कल्याण कार्यक्रम संपन्न

बिहार के जनपद जमुई में वर्णवाल सेवा सदन, झाझा में चल रहे तीन दिवसीय वनवासी कल्याण कार्यक्रम संपन्न हो गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन वनवासी कल्याण कमेटी का गठन किया गया। इसमें अध्यक्ष के रूप में बरनवाल समाज के समाजसेवी श्री कलिक बर्णवाल को अध्यक्ष के रूप में मनोनित किया गया।  Continue reading “वनवासी कल्याण कमेटी, झाझा के अध्यक्ष बने कलिका बर्णवाल”