बरनवाल वैश्य सभा के अध्यक्ष कैप्टन साहब व महासचिव मुन्नी लाल जी का इस्तीफा मंजूर

फरीदाबाद में 25 दिसंबर, 2017 को आयोजित अहिबरण जयंती में भाग लेते कैप्टन रामजीवन प्रसाद बरनवाल। (फाइल फोटो)

बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली की परिकल्पना करने से लेकर 32 सालों से इसे सुचारू रूप से संचालन करने, समाज के बंधुओं को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करने वाले कैप्टन साहब और मुन्नी लाल जी ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

लंबे समय तक बरनवाल वैश्य सभा का नेतृत्व कर रहे कैप्टन रामजीवन प्रसाद बरनवाल जी ने अधिक उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए बरनवाल वैश्य सभा की कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए इस्तीफा पत्र दिया। इस पत्र में उन्होंने पदमुक्त करने और नए लोगों को इसके लिए आगे आने का आह्वान किया। Continue reading “बरनवाल वैश्य सभा के अध्यक्ष कैप्टन साहब व महासचिव मुन्नी लाल जी का इस्तीफा मंजूर”

सामाजिक सेवा करने के लिए बैनर की जरूरत नहीं, इसका उदाहरण हैं सचिन

कोई समाज सेवा करने की इच्छा रखता है तो इसके लिए किसी बैनर की जरूरत नहीं होती, समूह की जरूरत नहीं होती, पैसे की जरूरत नहीं होती। समाज सेवा करने के लिए आपके पास सिर्फ और सिर्फ दो चीज आपके पास होनी चाहिए। पहली चीज – काम करने की इच्छा और दूसरी चीज – काम करने में लगने वाला समय। ऐसे ही एक समाजसेवी के रूप में दिल्ली-एनसीआर में काम कर रहे हैं सचिन शर्मा। Continue reading “सामाजिक सेवा करने के लिए बैनर की जरूरत नहीं, इसका उदाहरण हैं सचिन”

होटल सहारा स्टार के आईटी हेड बने कृष्ण बरनवाल

सहारा इंडिया परिवार की सहयोगी कंपनी है होटल सहारा स्टार। यह मुंबई का 5 स्टार होटल है जो मुंबई में प्रादेशिक हवाई अड्डा के पास है। होटल सहारा स्टार कंपनी ने श्री कृष्ण बरनवाल को अपना नया आईटी हेड नियुक्त किया है। Continue reading “होटल सहारा स्टार के आईटी हेड बने कृष्ण बरनवाल”

बरनवाल वैश्य सभा, दिल्ली के महासचिव बने मुन्नी लाल, विरेन्द्र को मिली कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी

वर्ष 2017-19 के लिए बरनवाल वैश्य सभा, दिल्ली की नई कार्यकारिणी गठन हो गया है। सभा के सक्रिय कार्यकर्ताओं की सर्व सहमति से प्रताप विहार, गाजियाबाद के रहने वाले श्री मुन्नी लाल जी को बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली का महासचिव बनाया गया है जबकि मंडावली, पूर्वी दिल्ली के श्री विरेन्द्र कुमार बरनवाल सभा का कोषाध्यक्ष बनाया गया है। Continue reading “बरनवाल वैश्य सभा, दिल्ली के महासचिव बने मुन्नी लाल, विरेन्द्र को मिली कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी”

पार्षद पूनम बरनवाल की पहल पर गिरिडीह में महाराजा अहिबरण के नाम हुआ एक चौराहा

झारखंड के गिरिडीह शहर से एक सुखद समाचार मिला। यहां के एक चौराहे का नामकरण बरनवाल समाज के जातिपुरुष महाराजा अहिबरण के नाम पर हुआ। यह पूरे भारत वर्ष में रहने वाले बरनवाल समाज के लिए ऐतिहासिक क्षण है, वह इसलिए कि Continue reading “पार्षद पूनम बरनवाल की पहल पर गिरिडीह में महाराजा अहिबरण के नाम हुआ एक चौराहा”

बरन पुंज के जनवरी-जून 2018 का अंक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

बरन पुंज पत्रिका का नया अंक (जनवरी-जून2018) पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें। यहां पीडीएफ फाइल है। उसे डाउनलोड करें और पढ़े। इसमें मां पर कविता है तो चित्रकार के नाम से एक प्रेरक प्रसंग है। वहीं युवा कहानीकार सुरेश बरनवाल की कहानी सैनिक और बंदूक भी है जिसे वर्ष का सबसे बेहतरीन कहानी चुुना गया था।

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आपको पत्रिका अच्छी लगे और इसका प्रिंट कॉपी नियमित रूप से अपने पास मंगवाना चाहते हैं तो Continue reading “बरन पुंज के जनवरी-जून 2018 का अंक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें”

आसान नहीं है बदलाव

प्रियंका बरनवाल, लेखिका

समाज में अगर किसी तरह के सुधार की जरूरत है तो बदलाव करना ही पड़ता है। बदलाव ही ऐसी वो चाबी है जो गहरे से गहरे जड़ों में दबी छोटी से छोटी मानसिकता को भी बदल सकती है। बदलाव के माध्यम से शिकायतों को भी दूर कर किया जा सकता है। मगर क्या बदलाव आसान है? नहीं। आसान होता तो आज शायद मैं और आप इस विषय पर गंभीर चर्चा नहीं कर रहे होते। तो चलिए जानते हैं क्यों मुश्किल है बदलाव? Continue reading “आसान नहीं है बदलाव”