उम्मीद का दीया

नोट – वाट्सअप से स्टोरी मिली। अच्छी है। इसके जो भी रचनाकार हैं, उनको साधुवाद। प्रेरक लिखने वाले का कोई नाम बता सकें तो उन्हें इस कहानी के लिए क्रेडिट जरूर देंगे। – संपादक

एक घर मे पांच दिए जल रहे थे। Continue reading “उम्मीद का दीया”

जन्मदिन का उपहार

युवा कहानीकार – अनिकेत गुप्त

सुबह से घर में बहस चल रही है। मैंने भी ठान लिया था कि इस बार मुझे अपनी कोई राय नहीं देनी है। पापा का कहना है कि दान हमलोग गौशाला में ही करेंगे जबकि मम्मी मंदिर के लिए कह रही है। पिछले 10 साल से हमारे घर का नियम-सा बन गया था। मेरे जन्मदिन पर हम पार्टी न करके हम उन रुपए को किसी धर्मस्थल पर दान कर देते थे। यह सिलसिला काफी लंबे समय से चला आ रहा है। दो दिन बाद ही मेरा जन्मदिन आ रहा है। इस बार भी हर बार की तरह हमें रुपए को दान में देना है। यूं तो हर साल हम मंदिर में ही चढ़ावा चढ़ाते थे, पर पता नहीं क्यूं पापा गौशाला की जिद पकड़े हुए हैं। Continue reading “जन्मदिन का उपहार”