प्राचीन भारत को अंगुलियों पर याद रखने के लिए पढ़ना चाहिए ये पुस्तक

  • समीक्षा – दीपक राजा

प्राचीन भारत का इतिहास पुस्तक में कुल सात अध्याय दिए गए हैं जिसमें सिंधु घाटी की सभ्यता से लेकर गुप्त काल के कालखंड के बाद तक की जानकारी दी गई है। प्रत्येक अध्याय में तथ्यों को बिन्दुवार दिया गया है ताकि इसे याद रखने में आसानी होगी। इसके साथ ही प्रत्येक अध्याय के अंत में अध्याय से संबंधित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्नों को  Continue reading “प्राचीन भारत को अंगुलियों पर याद रखने के लिए पढ़ना चाहिए ये पुस्तक”

#MeeToo के दौर में भोगे हुए यथार्थ की सच्चाई है ‘ताल ठोक के’

समीक्षक – दीपक राजा

स्त्री विमर्श के नाम पर बहुत-सी पुस्तकें, लेख, कहानी और कविताओं को मैंने समझने का प्रयास किया लेकिन ‘ताल ठोक के’ पुस्तक अपने शीर्षक के अनुसार ही डंके की चोट पर औरत की वास्तविक स्थिति से रू-ब-रू कराती है। पुस्तक की कविताएं एक ऐसे अहसास से परिचय कराती है जिससे हम रोजाना अपनी जिंदगी में दो-चार होते हैं। Continue reading “#MeeToo के दौर में भोगे हुए यथार्थ की सच्चाई है ‘ताल ठोक के’”

स्मार्ट फोन वालों के लिए भी उपयोगी है पुस्तक

समीक्षक – दीपक राजा

इलाहाबाद में लोकप्रिय प्रकाशन है ज्ञान सदन पब्लिकेशन। इस पब्लिकेशन ने ‘औपचारिक पत्र लेखन के विविध रूप’ के नाम से एक पुस्तक प्रकाशित की है। इस पुस्तक के लेखक श्री मुकेश बरनवाल हैं। बाबा बैद्यनाथ की नगरी में पले-बढ़े श्री बरनवाल ख्यातिलब्ध शिक्षाविद् हैं और प्रशासनिक सेवा में जाने की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए बेहतरीन प्रदर्शक हैं।  Continue reading “स्मार्ट फोन वालों के लिए भी उपयोगी है पुस्तक”

जीवन में बदलाव के लिए ‘मोदी सूत्र’ पढ़ना जरूरी

देश और दुनिया के सामने प्रधानमंत्री मोदी एक वैश्विक राजनेता बनकर सामने आए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद से लगातार मोदी का विरोध हो रहा है। इसके बाद भी, हर बार नरेंद्र मोदी नई शक्ति और ऊर्जा के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत हुए हैं। हर बार विरोधियों की चाल उल्टी पड़ती गई। ऐसे शख्स के बारे में हर कोई जानना चाहता है। मोदी पर अब तक तीन सौ के करीब किताबें आई है। उसमें एक नाम और जुड़ गया ‘मोदी सूत्र’। Continue reading “जीवन में बदलाव के लिए ‘मोदी सूत्र’ पढ़ना जरूरी”