समाज में एकजुटता लाने के लिए इंद्रधनुषी संकल्प जरूरीः BVS

जो लोग चाहते हैं कि हमारे समाज की बुराई समाप्त होनी चाहिए, समाज को इस तरह का होना चाहिए, समाज को एकजुट होना चाहिए। यह काम कोई मैगी जैसा आइटम नहीं है कि दो मिनट में तैयार हो जाएगा। ये एक दिन में नहीं होना है। इसके लिए निरंतर काम करना पड़ेगा। सबको सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा।

हम सामूहिक रूप से न सही, व्यक्तिगत स्तर से शुरुआत तो कर ही सकते हैं। बरनवाल वैश्य सभा (BVS) दिल्ली के मीडिया सचिव व बरन पुंज पत्रिका के संपादक दीपक राजा ने कहा है कि अगर समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं तो प्रयास व्यक्तिस्तर से होना चाहिए। एकला चलो के अभियान को स्वयं आगे बढ़ाइए लोग जुड़ेंगे, कारवां बन जाएगा। समाज को एकजुट करने के लिए जीवन के सात रंग जैसा सात संकल्प हर व्यक्ति को लेना चाहिए। यह इंद्रधनुषी संकल्प पर चलना मुश्किल बिल्कुल नहीं है। सिर्फ सोच-सोच का फर्क है।

पहला संकल्प – मैं अपनी तरफ से कभी भी अपने समाज और समाज के लोगों की बुराई नहीं करूंगा।

दूसरा संकल्प – कोई अगर समाज की बुराई करता है तो उसे बुराई नहीं करने के लिए प्रेरित करूंगा।

तीसरा संकल्प – जाति के नाम पर कोई भी मदद के लिए आता है तो उसे यथासंभव मदद करूं या ना करूं, उसे किसी भी सूरत में झूठा आश्वासन नहीं दूंगा।

चौथा संकल्प – देशभर में चलने वाले समाज के संगठनों की केवल बुराई करने के बजाय उसमें शामिल होकर उसमें अपने कर्मों से सुधार लाउंगा।

पांचवा संकल्प – स्थानीय, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बने सामाजिक संगठनों को मजबूती प्रदान करने के लिए वर्ष में कम से कम एक बार एक निश्चित रकम स्वेच्छा से दान करूंगा।

छठा संकल्प – लंच और डिनर मिलाकर एक माह में 60 बार भोजन करते हैं। इस 60 में से एक बार भोजन पर समाज के एक परिवार को आमंत्रित करूंगा। कोशिश हो कि वह समीप का कुटुंब संबंधी न हो।

सातवां संकल्प – माह में एक दिन संगठनों के माध्यम से समाज की सेवा के लिए शारीरिक रूप से पहल करूंगा।

मुझे लगता है, ये सात संकल्प-इंद्रधनुषी संकल्प समाज के सामाजिक एकता, समरसता और वैचारिक संपर्क को बहुत ही मजबूती देगा जो व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

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