भारत के पलकों पर उड़न परी 2 हिमा दास बनी गोल्डन गर्ल

ऐथलेटिक्स ट्रैक इवेंट में अंडर-20 में देश को पहली बार गोल्ड दिलाकर सुश्री हिमा दास ने इतिहास रच दिया। उन्होंने महज 18 साल की उम्र में देश के लिए वह काम कर दिया जिसे मिल्खा सिंह नहीं कर पाए और न ही देश की पहली उड़न परी पीटी उषा नहीं कर पाई। धान के खेतों में दौड़ने वाली सुश्री हिमा दास की इस उपलब्धि तक पहुंचने की कहानी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। गांव, गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सुश्री हिमा दास की कहानी प्रेरणादायी है।  Continue reading “भारत के पलकों पर उड़न परी 2 हिमा दास बनी गोल्डन गर्ल”