सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की पहली शर्त है 40 दिनों तक सतत पवित्र रहने की साधना

हिन्दू धर्म की आस्था पर चोट करने वाले गैंग को यह सतत साधना को नारी विरोधी दिया करार
हिन्दू धर्म को कमजोर करने वाले गैंग से प्रभावित है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
40 दिनों तक सतत पवित्र रहने की साधना में असफल रहने वालों के लिए मंदिर में प्रवेश वर्जित

  • दीपक राजा

केरल स्थित सबरीमाला मंदिर के कपाट पांच दिनों के लिए खुल गया है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क पर इन दिनों यहां महिलाओं के प्रवेश को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिन्हें मंदिर में, मंदिर के देवता में और मंदिर की व्यवस्था में आस्था नहीं है, वे भी मंदिर में प्रवेश करने के लिए व्याकुल हैं। मंदिर में प्रवेश करने की यह व्याकुलता सिर्फ और सिर्फ हिन्दुओं की आस्था और परंपरा पर चोट करना है। हिन्दुओं की आस्था और परंपरा पर चोट करना, इसे कमजोर करना और नष्ट करने वालों की एक चाल है सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बहाने सबरीमाला मंदिर की पवित्रता को आघात करना।  Continue reading “सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की पहली शर्त है 40 दिनों तक सतत पवित्र रहने की साधना”

प्राचीन भारत को अंगुलियों पर याद रखने के लिए पढ़ना चाहिए ये पुस्तक

  • समीक्षा – दीपक राजा

प्राचीन भारत का इतिहास पुस्तक में कुल सात अध्याय दिए गए हैं जिसमें सिंधु घाटी की सभ्यता से लेकर गुप्त काल के कालखंड के बाद तक की जानकारी दी गई है। प्रत्येक अध्याय में तथ्यों को बिन्दुवार दिया गया है ताकि इसे याद रखने में आसानी होगी। इसके साथ ही प्रत्येक अध्याय के अंत में अध्याय से संबंधित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्नों को  Continue reading “प्राचीन भारत को अंगुलियों पर याद रखने के लिए पढ़ना चाहिए ये पुस्तक”

#MeeToo के दौर में भोगे हुए यथार्थ की सच्चाई है ‘ताल ठोक के’

समीक्षक – दीपक राजा

स्त्री विमर्श के नाम पर बहुत-सी पुस्तकें, लेख, कहानी और कविताओं को मैंने समझने का प्रयास किया लेकिन ‘ताल ठोक के’ पुस्तक अपने शीर्षक के अनुसार ही डंके की चोट पर औरत की वास्तविक स्थिति से रू-ब-रू कराती है। पुस्तक की कविताएं एक ऐसे अहसास से परिचय कराती है जिससे हम रोजाना अपनी जिंदगी में दो-चार होते हैं। Continue reading “#MeeToo के दौर में भोगे हुए यथार्थ की सच्चाई है ‘ताल ठोक के’”

स्मार्ट फोन वालों के लिए भी उपयोगी है पुस्तक

समीक्षक – दीपक राजा

इलाहाबाद में लोकप्रिय प्रकाशन है ज्ञान सदन पब्लिकेशन। इस पब्लिकेशन ने ‘औपचारिक पत्र लेखन के विविध रूप’ के नाम से एक पुस्तक प्रकाशित की है। इस पुस्तक के लेखक श्री मुकेश बरनवाल हैं। बाबा बैद्यनाथ की नगरी में पले-बढ़े श्री बरनवाल ख्यातिलब्ध शिक्षाविद् हैं और प्रशासनिक सेवा में जाने की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए बेहतरीन प्रदर्शक हैं।  Continue reading “स्मार्ट फोन वालों के लिए भी उपयोगी है पुस्तक”

पांच लाख की आवश्यकता, समाज से अब तक मिला मात्र 80 हजार

किडनी ट्रांसप्लांट के लिए श्री मनोज कुमार बरनवाल जी पारस अस्पताल पटना में 31अगस्त को भर्ती होंगे, 3 सितंबर को किडनी ट्रांसप्लांट होगा। उनकी पत्नी उन्हें किडनी दे रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बिहार सरकार 3 लाख रुपए की आर्थिक मदद कर रही है। श्री मनोज जी पिछले पांच साल से डायलिसिस पर हैं। उनकी आर्थिक हालात ठीक नहीं है। श्री मनोज जी के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक देखें Continue reading “पांच लाख की आवश्यकता, समाज से अब तक मिला मात्र 80 हजार”

किडनी ट्रांसप्लांट कराने में आर्थिक सहयोग दें, ऑपरेशन 25 अगस्त को पटना में

पांच साल से डॉयलिसिस पर रहने वाले श्री मनोज कुमार बरनवाल को किडनी डोनर मिल गया है लेकिन उन्हें 4 लाख रुपए आर्थिक मदद की दरकार है। उनकी पत्नी रीता बरनवाल अपना एक किडनी मनोज को देंगी। किडनी ट्रांसप्लांट कराने की कागजी कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है। बिहार सरकार 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए किडनी ट्रांसप्लांट की मंजूरी दे दी है। इसी महीने 25 अगस्त को पटना के पारस अस्पताल में श्री मनोज का किडनी ट्रांसप्लांट होना है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि इसमें ऑपरेशन कराने और फिर ऑपरेशन के बाद लगभग तीन महीने तक इलाज अस्पताल की देख-रेख में होगा।

पारस अस्पताल ने किडनी ट्रांसप्लांट से लेकर आगे के खर्च का आकलन करीब 10 लाख रुपए लगाया है। इलाज का खर्च बढ़ भी सकता है। श्री मनोज जी को भरोसा है घर और रिश्तेदारी से वह दो लाख रुपए तक प्रबंध कर लेंगे। सोशल मीडिया पर मुहिम शुरू करने का परिणाम है कि मनोज जी के खाते में अब तक एक लाख रुपए की मदद पहुंच पाई है। फिर भी, कम से कम चार लाख रुपए की और आवश्यकता है। इस सूचना को पढ़ने वाले सभी शुभचिंतकों, मित्रों और समाज का भला चाहने वाले लोगों से अनुरोध है कि मनोज को मदद करने में सहभागी बनें। Continue reading “किडनी ट्रांसप्लांट कराने में आर्थिक सहयोग दें, ऑपरेशन 25 अगस्त को पटना में”

गजल – अफसानों की उल्फत

जमीं पर पैर नहीं या पैरों तले जमीं नहीं।
वो आसमां में उड़े तो इसका ख्याल नहीं।।

टूटते दरख्तों की जानिब किया जो खबर।
उस बेखबर बेवफा को इसका मलाल नहीं।।

गुलजार है उनका अफसानों की उल्फत।
ऐसे में गुजारे उम्र होंगे ऐसे हलाल नहीं।।

लूटा दूंगा बज्म-ए-दिल शाम-ए-महफिल।
सहन कर सकते हैं बांके का जलाल नहीं।।

– दीपक राजा
15 जुलाई, 2018
नई दिल्ली

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