मीडिया कामगारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए CAMP

कहीं भी अन्याय हो, किसी को भी कठिनाई हो, उसे उजागर करने से लेकर समाधान के लिए पहल करने तक में मीडिया की अहम भूमिका है। लेकिन यह मीडिया कामगारों के लिए त्रासदी है कि अपने लोगों के लिए प्रति मीडिया संवेदनाहीन और निष्ठुर है। इस त्रासदी को दूर करने के लिए हम में से ही किसी को आगे आना होगा और एक-दूसरे के सहयोग से पहल करनी होगी। इसकी शुरुआत करने के लिए सामाजिक संस्था दीपारती वेलफेयर फाउंडेशन (DWF) एक योजना लेकर आपके सामने है। उस योजना का नाम है – कैंप (CAMP यानि Committee for Assistance to Media/ Multi-Tasking Persons)। आइए कैंप योजना को लसमझते हैं। योजना समझने के बाद इससे जुड़िए। अपने और अपने परिवार के भविष्य के लिए योजना को सफल बनाने में सहयोग करिए। कैंप योजना हमारे-आपके कठिन दौर में आशादीप बनकर आया है।

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DWF के आह्वान पर मदद की धीमी रफ्तार, 40 लोगों ने बढ़ाए हाथ

दीपारती वेलफेयर फाउंडेशन (DWF) के आह्वान पर कई लोगों ने हाथ बढ़ाया, अब तक जो जानकारी प्राप्त हो पाई, उसके अनुसार 19-30 सितंबर, 2019 मुहिम के बीच कुल 41 लोगों ने मदद की है। 41 में से 9 लोगों ने सीधे विरेंद्र बरनवाल जी के खाते में पैसे जमा कराए हैं जबकि 32 लोगों ने DWF के बैंक खाते और पेटीएम नंबर के जरिए अब तक बीस हजार रुपए की मदद की है। जानकारी यह भी है कि इलाज के लिए विरेन्द्र जी ने जो संस्थागत रूप से ब्याज पर कर्ज उठाया, पालघर के बरनवाल बंधुओं और मुंबई के बरनवाल समाज के सहयोग से उस कर्ज का भुगतान करने का प्रयास हो रहा है।

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बटुआ खोलें, कैंसर पीड़ित विरेंद्र को चाहिए समाज का सहारा

गाजीपुर (यूपी) के सैदपुर क्षेत्र के निवासी श्री विरेंद्र बरनवाल मुंह के कैंसर से पीड़ित हैं। वर्तमान में वह महाराष्ट्र के पालघर जिले में रहते हैं। टाटा अस्पताल, मुंबई में उनका उपचार चल रहा है। कैंसर के इलाज में विरेन्द्र का परिवार आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, उन्हें समाज से मदद की दरकार है। बीमारी के इलाज को एक सामूहिक यज्ञ मानते हुए कुछ मदद करने के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं। विरेंद्र के परिवार को देश और समाज से उम्मीद है कि उन्हें सब थोड़ी – थोड़ी मदद करें।

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कैंसर पीड़ित उमेश मोदी को बचा नहीं पाए, उनके बच्चों को शिक्षित करने के लिए मदद की अपील

चकाई, जमुई के रहने वाले श्री उमेश मोदी को कैंसर था। तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनका परिवार सदमें हैं। उमेश जी के नहीं रहने पर उनके बच्चों की जिम्मेदारी समाज पर है। उनके मदद के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। गौरतलब है कि श्री उमेश मोदी जी बरनवाल समिति चकाई की ओर से मिले 20 हजार रुपए की सामूहिक मदद से इलाज कराने पटना आए थे। इसकी जानकारी दीपारती वेलफेयर फाउंडेशन को 7 सितंबर, 2018 को हुई। कई जगहों पर फोन और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर खोजबीन के बाद श्री उमेश मोदी के भतीजे संदीप का नंबर उपलब्ध हो पाया। उसके बाद हमारे मित्रमंडली में शामिल और पटना में समाज की बेहतरी के लिए कार्यशील बरनवाल सृजन फाउंडेशन टीम में शामिल दीपक बरनवाल, लीलाधर उर्फ गुड्डू बरनवाल जी तक दीपारती फाउंडेशन ने बात पहुंचाई और यथासंभव आर्थिक रूप से मदद करने का भरोसा दिया था।  Continue reading “कैंसर पीड़ित उमेश मोदी को बचा नहीं पाए, उनके बच्चों को शिक्षित करने के लिए मदद की अपील”

पांच लाख की आवश्यकता, समाज से अब तक मिला मात्र 80 हजार

किडनी ट्रांसप्लांट के लिए श्री मनोज कुमार बरनवाल जी पारस अस्पताल पटना में 31अगस्त को भर्ती होंगे, 3 सितंबर को किडनी ट्रांसप्लांट होगा। उनकी पत्नी उन्हें किडनी दे रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बिहार सरकार 3 लाख रुपए की आर्थिक मदद कर रही है। श्री मनोज जी पिछले पांच साल से डायलिसिस पर हैं। उनकी आर्थिक हालात ठीक नहीं है। श्री मनोज जी के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक देखें Continue reading “पांच लाख की आवश्यकता, समाज से अब तक मिला मात्र 80 हजार”

किडनी ट्रांसप्लांट कराने में आर्थिक सहयोग दें, ऑपरेशन 25 अगस्त को पटना में

पांच साल से डॉयलिसिस पर रहने वाले श्री मनोज कुमार बरनवाल को किडनी डोनर मिल गया है लेकिन उन्हें 4 लाख रुपए आर्थिक मदद की दरकार है। उनकी पत्नी रीता बरनवाल अपना एक किडनी मनोज को देंगी। किडनी ट्रांसप्लांट कराने की कागजी कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है। बिहार सरकार 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए किडनी ट्रांसप्लांट की मंजूरी दे दी है। इसी महीने 25 अगस्त को पटना के पारस अस्पताल में श्री मनोज का किडनी ट्रांसप्लांट होना है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि इसमें ऑपरेशन कराने और फिर ऑपरेशन के बाद लगभग तीन महीने तक इलाज अस्पताल की देख-रेख में होगा।

पारस अस्पताल ने किडनी ट्रांसप्लांट से लेकर आगे के खर्च का आकलन करीब 10 लाख रुपए लगाया है। इलाज का खर्च बढ़ भी सकता है। श्री मनोज जी को भरोसा है घर और रिश्तेदारी से वह दो लाख रुपए तक प्रबंध कर लेंगे। सोशल मीडिया पर मुहिम शुरू करने का परिणाम है कि मनोज जी के खाते में अब तक एक लाख रुपए की मदद पहुंच पाई है। फिर भी, कम से कम चार लाख रुपए की और आवश्यकता है। इस सूचना को पढ़ने वाले सभी शुभचिंतकों, मित्रों और समाज का भला चाहने वाले लोगों से अनुरोध है कि मनोज को मदद करने में सहभागी बनें। Continue reading “किडनी ट्रांसप्लांट कराने में आर्थिक सहयोग दें, ऑपरेशन 25 अगस्त को पटना में”

किडनी ट्रांसप्लांट के इलाज में श्री मनोज बर्णवाल को 5 लाख रुपए आर्थिक मदद की दरकार

श्री मनोज कुमार बर्णवाल पांच साल से डॉयलिसिस पर हैं। पटना में इसी महीने के अंत तक किडनी ट्रांसप्लांट होना है। बिहार सरकार तीन लाख रुपए की मदद दे रही है। लगभग एक लाख रुपए की मदद दो-तीन लोगों ने दी है। घर-रिश्तेदारी से करीब दो लाख रुपए मनोज स्वयं जुटा रहे हैं। फिर भी लगभग 4-5 लाख रुपए की आवश्यकता है। इस सूचना को पढ़ने वाले सभी शुभचिंतकों, मित्रों और समाज का भला चाहने वाले लोगों से अनुरोध है कि मनोज को मदद करने में सहभागी बनें। Continue reading “किडनी ट्रांसप्लांट के इलाज में श्री मनोज बर्णवाल को 5 लाख रुपए आर्थिक मदद की दरकार”