सच्ची सुंदरता

सुंदरता मुख्य रूप से दो प्रकार की कही जा सकती है – आंतरिक सुंदरता और बाह्य सुंदरता अर्थात् मन की सुंदरता और तन की सुंदरता। जब हम कहते हैं कि अमुक व्यक्ति का मन अतिसुंदर है, तो इसका अभिप्राय है कि परोपकार, करुणा, दया आदि मानवीय गुणों से वह व्यक्ति परिपूर्ण है। किन्तु जब हम किसी व्यक्ति के विषय में यह कहते हैं कि देखो, वह व्यक्ति कितना सुंदर दिखाई दे रहा हैं, तो इसका मतलब है कि शारीरिक सौष्ठव, रंग-रूप की दृष्टि से वह व्यक्ति आकषर्ण का केंद्र है।  Continue reading “सच्ची सुंदरता”

बरन पुंज के जुलाई 2018-जून 2019 का संयुक्तांक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

बरन पुंज पत्रिका का नया अंक (जुलाई 2018-जून2019) संयुक्तांक है। इसे पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें। यहां पीडीएफ फाइल है। उसे डाउनलोड करें और पढ़े। पत्रिका अच्छी लगे और इसका प्रिंट कॉपी नियमित रूप से अपने पास मंगवाना चाहते हैं तो पत्रिका का आजीवन सदस्य बनें। सदस्य बनने के लिए पत्रिका के संपादक या फिर प्रतिनिधि मंडल से संपर्क करें। विवरण पत्रिका के पीडीएफ फाइल में दिया हुआ है।

अगर आप रिश्तों के प्रति संजीदा हैं और रचनाएं करते हैं तो आप हो सकते हैं पुस्तक प्रकाशन योजना में शामिल

अगर आप खून के रिश्ते, पारिवारिक रिश्ते और सामाजिक रिश्ते को लेकर संजीदा हैं और रिश्तों पर आधारित अपनी भावनाओं को शब्द में पिरोना जानते हैं तो यह खबर आपके लिए है। आप कविता, कहानी या किसी भी विधा में साहित्यिक रचना करते हैं तो यह खबर आपको पुस्तक का हिस्सा बनने का एक अवसर बनकर आया है। Diparti Welfare Foundation (DWF) आपके लिए पुस्तक प्रकाशन की योजना लेकर आया है। DWF की योजना में आप अपनी रचना भेजकर प्रकाशित होने वाली पुस्तक का हिस्सा बना सकते हैं।

पुस्तक प्रकाशन की योजना के तहत रचनाएं आमंत्रित
अखिल भारतीय स्तर पर काम करने की इच्छा रखने वाला संगठन – Diparti Welfare Foundation (DWF), पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को संजोना चाहता है। उन रिश्तों की भावनाओं और संवेदनाओं को एक आकार देना चाहता है। रिश्तों पर लिखी जा रही रचनाओं को एक सूत्र में पिरोना चाहता है। इसके लिए DWF पुस्तक प्रकाशन की योजना लेकर आपके बीच आया है।

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बरन पुंज के जनवरी-जून 2018 का अंक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

बरन पुंज पत्रिका का नया अंक (जनवरी-जून2018) पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें। यहां पीडीएफ फाइल है। उसे डाउनलोड करें और पढ़े। इसमें मां पर कविता है तो चित्रकार के नाम से एक प्रेरक प्रसंग है। वहीं युवा कहानीकार सुरेश बरनवाल की कहानी सैनिक और बंदूक भी है जिसे वर्ष का सबसे बेहतरीन कहानी चुुना गया था।

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दिल्ली में बरनवाल महिला संघ की रखी गई नींव, विभा लाल को मिली जिम्मेदारी

विभा लाल बरनवाल महिला संघ, दिल्ली की संयोजिका नियुक्त, शोभा रानी को सह संयोजिका

9 जुलाई, 2017 को पूर्वी दिल्ली में होगा विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन

नई दिल्ली। बरनवाल वैश्य सभा, दिल्ली की कार्यकारिणी की बैठक 9 अप्रैल को पूर्वी दिल्ली के शकरपुर क्षेत्र में चंदा निवास में हुई। इस बैठक में समाज में महिलाओं की सहभागिता को देखते हुए दिल्ली में बरनवाल महिला संगठन बनाने पर विचार किया और श्रीमति विभा लाल को बरनवाल महिला संघ, दिल्ली के लिए संयोजिका नियुक्त किया गया। इसके साथ ही श्रीमति विभा लाल को सहयोग करने के लिए श्रीमति शोभा रानी को सह संयोजिका नियुक्त किया गया।

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बरन पुंज पत्रिका के जून अंक के लिए लेख व विज्ञापन आमंत्रित – भेजने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2017

बरन पुंज पत्रिका के जून अंक लिए लेख आमंत्रित – भेजने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2017

बरनवाल वैश्य सभा के बंधुओं को ज्ञात है कि दिल्ली से बरन पुंज पत्रिका का प्रकाशन होता है। इस पत्रिका का आगामी अंक जून- दिसंबर 2017 की प्रकाशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए समाज के सभी लोगों से जो लिखना जानते हैं, लेख दें, जिनके पास को समाचार हो, वो समाचार दें, किन्हीं के पास कोई विशेष जानकारी हो, वो जानकारी शेयर करें।

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बरन पुंज के जनवरी-जून 2017 का अंक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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