प्राचीन भारत को अंगुलियों पर याद रखने के लिए पढ़ना चाहिए ये पुस्तक

  • समीक्षा – दीपक राजा

प्राचीन भारत का इतिहास पुस्तक में कुल सात अध्याय दिए गए हैं जिसमें सिंधु घाटी की सभ्यता से लेकर गुप्त काल के कालखंड के बाद तक की जानकारी दी गई है। प्रत्येक अध्याय में तथ्यों को बिन्दुवार दिया गया है ताकि इसे याद रखने में आसानी होगी। इसके साथ ही प्रत्येक अध्याय के अंत में अध्याय से संबंधित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्नों को  Continue reading “प्राचीन भारत को अंगुलियों पर याद रखने के लिए पढ़ना चाहिए ये पुस्तक”

स्मार्ट फोन वालों के लिए भी उपयोगी है पुस्तक

समीक्षक – दीपक राजा

इलाहाबाद में लोकप्रिय प्रकाशन है ज्ञान सदन पब्लिकेशन। इस पब्लिकेशन ने ‘औपचारिक पत्र लेखन के विविध रूप’ के नाम से एक पुस्तक प्रकाशित की है। इस पुस्तक के लेखक श्री मुकेश बरनवाल हैं। बाबा बैद्यनाथ की नगरी में पले-बढ़े श्री बरनवाल ख्यातिलब्ध शिक्षाविद् हैं और प्रशासनिक सेवा में जाने की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए बेहतरीन प्रदर्शक हैं।  Continue reading “स्मार्ट फोन वालों के लिए भी उपयोगी है पुस्तक”

इतिहास पर मुकेश बरनवाल की दो पुस्तकों का विमोचन

दिल्ली के कटवरियासराय स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ के सभागार में 11 अगस्त, 2018 को श्री मुकेश बरनवाल द्वारा भारतीय इतिहास पर लिखी दो पुस्तकों का विमोचन का हुआ। पुस्तकों का नाम ‘पाषाण काल से आजादी तक’ और ‘भारत का राष्ट्रीय आंदोलन’ है। दो पुस्तकों का विमोचन कार्यक्रम संवर्धन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित हुआ। पुस्तकों का विमोचन दिल्ली विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थानों से आए प्रोफेसर और विद्वजनों के हाथों संपन्न हुआ।  Continue reading “इतिहास पर मुकेश बरनवाल की दो पुस्तकों का विमोचन”