सच्ची सुंदरता

सुंदरता मुख्य रूप से दो प्रकार की कही जा सकती है – आंतरिक सुंदरता और बाह्य सुंदरता अर्थात् मन की सुंदरता और तन की सुंदरता। जब हम कहते हैं कि अमुक व्यक्ति का मन अतिसुंदर है, तो इसका अभिप्राय है कि परोपकार, करुणा, दया आदि मानवीय गुणों से वह व्यक्ति परिपूर्ण है। किन्तु जब हम किसी व्यक्ति के विषय में यह कहते हैं कि देखो, वह व्यक्ति कितना सुंदर दिखाई दे रहा हैं, तो इसका मतलब है कि शारीरिक सौष्ठव, रंग-रूप की दृष्टि से वह व्यक्ति आकषर्ण का केंद्र है।  Continue reading “सच्ची सुंदरता”

बरनवाल वैश्य सभा के अध्यक्ष कैप्टन साहब व महासचिव मुन्नी लाल जी का इस्तीफा मंजूर

फरीदाबाद में 25 दिसंबर, 2017 को आयोजित अहिबरण जयंती में भाग लेते कैप्टन रामजीवन प्रसाद बरनवाल। (फाइल फोटो)

बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली की परिकल्पना करने से लेकर 32 सालों से इसे सुचारू रूप से संचालन करने, समाज के बंधुओं को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करने वाले कैप्टन साहब और मुन्नी लाल जी ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

लंबे समय तक बरनवाल वैश्य सभा का नेतृत्व कर रहे कैप्टन रामजीवन प्रसाद बरनवाल जी ने अधिक उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए बरनवाल वैश्य सभा की कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए इस्तीफा पत्र दिया। इस पत्र में उन्होंने पदमुक्त करने और नए लोगों को इसके लिए आगे आने का आह्वान किया। Continue reading “बरनवाल वैश्य सभा के अध्यक्ष कैप्टन साहब व महासचिव मुन्नी लाल जी का इस्तीफा मंजूर”