प्यार

शायरी करने के लिए

जीवन तरंग में

मन मतंग सा

प्यार में

घुल जाना

आवश्यक है

नहीं तो

शायर तो

हो सकता है

दफ्तर का बाबू

कचहरी का दीवान

#दीपक_राजा