सच्ची सुंदरता

सुंदरता मुख्य रूप से दो प्रकार की कही जा सकती है – आंतरिक सुंदरता और बाह्य सुंदरता अर्थात् मन की सुंदरता और तन की सुंदरता। जब हम कहते हैं कि अमुक व्यक्ति का मन अतिसुंदर है, तो इसका अभिप्राय है कि परोपकार, करुणा, दया आदि मानवीय गुणों से वह व्यक्ति परिपूर्ण है। किन्तु जब हम किसी व्यक्ति के विषय में यह कहते हैं कि देखो, वह व्यक्ति कितना सुंदर दिखाई दे रहा हैं, तो इसका मतलब है कि शारीरिक सौष्ठव, रंग-रूप की दृष्टि से वह व्यक्ति आकषर्ण का केंद्र है।  Continue reading “सच्ची सुंदरता”

बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली के संरक्षक अरविंद प्रसाद बने झारखंड ऊर्जा नियामक आयोग के अध्यक्ष

बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली के संरक्षक और भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी अरविंद प्रसाद झारखंड ऊर्जा नियामक आयोग के अध्यक्ष बन गए। Continue reading “बरनवाल वैश्य सभा दिल्ली के संरक्षक अरविंद प्रसाद बने झारखंड ऊर्जा नियामक आयोग के अध्यक्ष”