#MeeToo के दौर में भोगे हुए यथार्थ की सच्चाई है ‘ताल ठोक के’

समीक्षक – दीपक राजा

स्त्री विमर्श के नाम पर बहुत-सी पुस्तकें, लेख, कहानी और कविताओं को मैंने समझने का प्रयास किया लेकिन ‘ताल ठोक के’ पुस्तक अपने शीर्षक के अनुसार ही डंके की चोट पर औरत की वास्तविक स्थिति से रू-ब-रू कराती है। पुस्तक की कविताएं एक ऐसे अहसास से परिचय कराती है जिससे हम रोजाना अपनी जिंदगी में दो-चार होते हैं। Continue reading “#MeeToo के दौर में भोगे हुए यथार्थ की सच्चाई है ‘ताल ठोक के’”

जीवन में बदलाव के लिए ‘मोदी सूत्र’ पढ़ना जरूरी

देश और दुनिया के सामने प्रधानमंत्री मोदी एक वैश्विक राजनेता बनकर सामने आए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद से लगातार मोदी का विरोध हो रहा है। इसके बाद भी, हर बार नरेंद्र मोदी नई शक्ति और ऊर्जा के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत हुए हैं। हर बार विरोधियों की चाल उल्टी पड़ती गई। ऐसे शख्स के बारे में हर कोई जानना चाहता है। मोदी पर अब तक तीन सौ के करीब किताबें आई है। उसमें एक नाम और जुड़ गया ‘मोदी सूत्र’। Continue reading “जीवन में बदलाव के लिए ‘मोदी सूत्र’ पढ़ना जरूरी”