‘मोदी मंत्र’, ‘मोदी सूत्र’ के बाद बाजार में आई ‘मोदी नीति’

भारतेंदु हरिश्चन्द्र पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. हरीश चन्द्र बर्णवाल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर एक नई पुस्तक ‘मोदी नीति’ प्रकाशित हुई है। प्रधानमंत्री मोदी पर यह उनकी तीसरी पुस्तक है, जिसे प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले आई यह पुस्तक बताती है कि मोदी सरकार के पांच वर्षों की कार्यशैली से इस देश की सभ्यता, संस्कृति और समाज पर कितना गहरा और व्यापक असर पड़ा है, इसके दूरगामी प्रभाव क्या होंगे।

‘मोदी नीति’ में सहज तरीके से आंकड़ों के माध्मय से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल की समालोचना करता है। सिर्फ नेतृत्व करने वाले व्यक्ति के बदलने मात्र से देश की दिशा और दशा इतनी तेजी से कैसे बदला, उस पर एक विश्लेषण भी पुस्तक के माध्यम से देखने को मिलेगा। पुस्तक के नौ चैप्टर में लोक संस्कृति से लेकर पौराणिक ग्रंथों तक, योग से लेकर स्वास्थ्य क्रांति तक, पत्रकारिता से लेकर पर्यावरण तक और भाषाई एकजुटता से लेकर न्यू इंडिया के संकल्प तक जैसे विषयों को विश्लेषित करने का प्रयास किया गया।

  • दीपक राजा

दिल्ली में मनाई गई अहिबरण जयंती

दिल्ली में बरनवाल वैश्य सभा के तत्वावधान में महाराजा अहिबरण जयंती धूमधाम से मनाया गया। निर्माण विहार मेट्रो स्टेशन के नजदीक अग्रवाल भवन में कार्यक्रम आयोजित था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व आयकर आयुक्त श्री वीरेंद्र बरनवाल, सम्मानित अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार  हरिश चन्द्र बर्णवाल, उप आयकर आयुक्त मृत्युंजय बरनवाल समेत कई गण्यमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कै. आरपी बरनवाल ने की। मंच का संचालन सभा के संरक्षक मुन्नी लाल, महासचिव सत्यप्रकाश बरनवाल और सचिव जयप्रकाश बरनवाल ने किया।  मौके पर दिल्ली और एनसीआर से सैकड़ों बरन परिवार एकजुट हुए। Continue reading “दिल्ली में मनाई गई अहिबरण जयंती”

जीवन में बदलाव के लिए ‘मोदी सूत्र’ पढ़ना जरूरी

देश और दुनिया के सामने प्रधानमंत्री मोदी एक वैश्विक राजनेता बनकर सामने आए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद से लगातार मोदी का विरोध हो रहा है। इसके बाद भी, हर बार नरेंद्र मोदी नई शक्ति और ऊर्जा के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत हुए हैं। हर बार विरोधियों की चाल उल्टी पड़ती गई। ऐसे शख्स के बारे में हर कोई जानना चाहता है। मोदी पर अब तक तीन सौ के करीब किताबें आई है। उसमें एक नाम और जुड़ गया ‘मोदी सूत्र’। Continue reading “जीवन में बदलाव के लिए ‘मोदी सूत्र’ पढ़ना जरूरी”